गाना बजाना बन्द करो तुम मुसलमान हो!

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴



                  *🥀 गाना बजाना बन्द करो तुम मुसलमान हो!🥀*


         
                       *पोस्ट नम्बर:- 4*
                    
👇🏻👇🏻 एक गाने में ये शेर है:-👇🏻👇🏻

 *ख़ुदा भी आसमान से जब ज़मीन पर देखता होगा,*
 *मेरे महबूब को किस ने बनाया सोचता होगा!*

                 *(म'आज़ अल्लाह)*

इस शेर में गुस्ताख़ी की इन्तिहा हो गयी। ये कहना कि *"मेरे महबूब को किस ने बनाया सोचता होगा"* क्या जाहिर करता है कि किसी और खुदा ने उसे बनाया है? क्या अल्लाह तआ़ला सोचता है और वोह आसमान से जमीन पर देखता है? ये सारे जुमले मुसलमानों के अक़ीदे के खिलाफ़ हैं लेकिन अफ़सोस उन मुसलमानों पर जो इन गानों को सुनते और गुनगुनाते हैं!

        👇🏻👇🏻एक गाने में ये शेर है:-👇🏻👇🏻

      *रब ने मुझ पर ये सितम किया है,*
      *सारे ज़माने का ग़म मुझे दिया है!*

                *(म'आज़ अल्लाह)*

ये कहना कि *"अल्लाह ने मुझ पर सितम किया है"* अल्लाह तआ़ला को ज़ालिम कहना है जो कि सरीह कुफ़्र है। अल्लाह तआ़ला जो करता है या करेगा वो सब अदल व इन्साफ़ है, उस ने किसी पर ज़ुल्म व सितम नहीं किया, और जो उसे ज़ालिम कहे वो काफ़िर है!

         👇🏻👇🏻एक गाने में ये शेर है:-👇🏻👇🏻

    *मेरी निगाह में क्या बन के आप रहते हैं,*
  *क़सम ख़ुदा की! ख़ुदा बन के आप रहते हैं।*

                   *(म'आज़ अल्लाह)*

यहाँ तो महबूब को ख़ुदा बनाया जा रहा है जो कि कुफ़्र है। *इश्क़े मजाज़ी का भूत गाना गाने वालों पर इस क़दर सवार हो चुका है कि अपना दीन तक भूल बैठे हैं। मुसलमानों को चाहिये कि गाने बजाने से फ़ौरन तौबा करें, और अपने मोबाइल, कम्प्यूटर वगै़रा से गानों को मिटा दें!*

         👇🏻👇🏻एक गाने में ये शेर है:-👇🏻👇🏻

    *अब आगे जो हो अंजाम देखा जायेगा,*
   *ख़ुदा तराश लिया और बन्दगी भी कर ली!*

                 *(म'आज़ अल्लाह)*

   इस में दो कुफ़्र हैं, एक ये कि ख़ुदा तराश लिया और बन्दगी भी कर ली!
  *मेरे मुसलमान दोस्तों और भाइयों! क्या आप भी इन बेहूदा गानों को सुनेंगे और गुनगुनायेंगे❓❓❓*

         👇🏻👇🏻एक गाने में ये शेर है:-👇🏻👇🏻

  *सीप का मोती है तू या आसमान की धूल है,*
 *तू है क़ुदरत का करिश्मा या ख़ुदा की भूल है!*

                *(म'आज़ अल्लाह)*

 इस शेर में कहा जा रहा है *"ख़ुदा की भूल है"* जो कि कुफ़्र है। अल्लाह तआ़ला भूलने से पाक है, समझ नहीं आता कि एक मुसलमान किस तरह ऐसे अश्आर को सुन सकता है!

         👇🏻👇🏻एक गाने में ये शेर है:-👇🏻👇🏻

  *दिल में तुझे बिठा कर, कर लूँगी बन्द आँखें,*
     *पूजा करूँगी तेरी, दिल में रहूँगी तेरे!*

                  *(म'आज़ अल्लाह)*

 इस शेर में महबूब की पूजा करने की बात की गई है जो कि कुफ़्र हैं!

*📙(गाना बजाना बन्द करो तुम मुसलमान हो, सफ़ह- 4)*

*📍नोट:⇏आप सभी हमारी इस पोस्ट को ज़्यादा से ज़्यादा शेयर करने की कोशिश करें, और याद रहे पोस्ट में किसी भी तरह की छेड़छाड़ बिल्कुल भी न करें..!*
    
*इंशा अल्लाह पोस्ट ज़ारी रहेगी*



👑👑👑👑👑👑👑👑👑👑
*🏁 मसलके आला हज़रत 🔴*
https://chat.whatsapp.com/BlTnmJKrHakLQ0Y3Q9Q1KC

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

गाना बजाना बन्द करो तुम मुसलमान हो!गाना बजाना बन्द करो तुम मुसलमान हो!

गाना बजाना बन्द करो तुम मुसलमान हो!

गाना बजाना बन्द करो तुम मुसलमान हो!